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चीन की क्रूज जहाज यैंगत्सी नदी में डूबा , बचाव कार्य जारी



बीजिंग :  चीन में यैंगत्सी नदी में तूफान में फंस गया क्रूज जहाज ने नियंत्रण करने की पूरी कोशिश की लेकिन अंततः वह तूफान का सामना नहीं कर सका और डूब गया. अबतक इससे सिर्फ 13 लोगों को बचाया जा सका है. अबतक 400 से ज्यादा लोग लापता है और एक व्यक्ति की मौत की आधिकारिक सूचना है. चीन के सरकारी मीडिया शिन्हुआ के अनुसार अबतक वहां बचाव कार्य जारी है. राहत दल ने डूबे हुए जहाज को खोज निकाला है और वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. बचाव दल के लोगों को नदी में फंसे लोगों की आवाजें सुनायी दी जिसके बाद उन्हें  ढूंढने  में आसानी हुई. कई लोग नदी में तैर कर किनारे की तरफ पहुंचे और लोगों को बचाने का आग्रह किया. इस क्रूज में ज्यादातर सैलानी सवार थे जो यहां घुमने आये थे. जिस इलाके में जहाज डूबा है वह  सैलानियों को ज्यादा आकर्षित करने वाला इलाका है. इसमें चालक दल के 47 सदस्य सवार थे. जिस क्षेत्र में जहाज डूबा है वहां पानी लगभग 15 मीटर गहरा है. चीन में हो रही तेज बारिश और तूफान से राहत कार्य में बाधा पहुंच रही है लेकिन राहत दल हर संभव कोशिश कर रहा है.  घटना की जानकारी मिलती है प्रधानमंत्री ली केकियांग घटनास्थल के लिए रवाना हो गये. प्रधानमंत्री यहां खुद राहत कार्य का जायजा लेंगे और बचाव के लिए उठाये जा रहे कदमों की समीक्षा करेंगे. इस क्षेत्र में तेज हवा चल रही थी हवा इतनी तेज थी कि उसने जहाज को पलट दिया.


फीफा के छह फुटबाल अधिकारी रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार



 ज्यूरिख : छह फुटबाल अधिकारियों को ज्यूरिख में  गिरफ्तार किया गया है. स्विस अधिकारियों के अनुसार इन्हें करोड़ों डालर की रिश्वत लेने के संदेह में गिरफ्तार किया गया.
स्विट्जरलैंड के न्याय मंत्रालय के मुताबिक, ये सभी छह अधिकारी फीफा के प्रतिनिधि और फीफा के उप संगठनों के पदाधिकारी हैं. इनको दस करोड़ डालर से अधिक का भुगतान करने की योजना में संलिप्त पाया गया है. इसके बदले लैटिन अमेरिका में होने वाले फुटबाल टूर्नामेंटों से जुड़े मीडिया, मार्केटिंग और प्रायोजन अधिकार मिले हैं.
न्याय मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के आग्रह पर छह अधिकारियों को 1990 के दशक के शुरू से लेकर वर्तमान समय तक रिश्वत लेने और उसके बदले में हित साधने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. इनको प्रत्यर्पण लंबित रहने तक हिरासत में रखा गया है.

देश का बुरा वक्त बीत चुका है : नरेंद्र मोदी



नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री ने  अच्छे दिनों को लेकर उनकी सरकार पर निशाना साधने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा, देश का बुरा वक्त बीत चुका है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी संप्रदाय के खिलाफ हिंसा या भेदभाव बरदाश्त नहीं किया जायेगा. अल्पसंख्यक विरोधी बयानों पर संघ परिवार को भी सीधा संदेश दिया. पिछले दिनों कुछ नेताओं द्वारा दिये अल्पसंख्यक विरोधी बयान गैर जरूरी थे. वादा किया कि सरकार अल्पसंख्यकों को पूरी सुरक्षा देगी. हिंसा सहन नहीं करेगी. हमारा संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है. इसलिए किसी के साथ भेदभाव का सवाल ही नहीं है. उधर, मोदी के बयान पर आरएसएस ने कहा कि यह उनके संदर्भ में नहीं कहा गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अच्छे दिन आ चुके हैं, लेकिन कुछ लोग हमारे कामों को धूमिल करने में लगे हैं. हालांकि, जनता सब समझती है. एक  साक्षात्कार में कहा कि मौसम अनुकूल न रहने के बावजूद एक साल के कार्यकाल के दौरान महंगाई कम हुई है. यदि यह सरकार न आती तो महंगाई व भ्रष्टाचार किस सीमा तक जाते, इसका अनुमान लगाना कठिन है. आंकड़े गवाह हैं कि  मई 2014 में मुद्रास्फीति 8.2 प्रतिशत थी, जबकि अप्रैल 2015 में वह घटकर 4.9 प्रतिशत रह गयी. कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वह मेरे भाषणों पर नहीं, बल्कि अपने घोटालों पर शर्मिदा हो तो ज्यादा बेहतर है. उन्होंने कहा कि हाल ही में निष्पक्ष रूप से किये गये जनता के सर्वेक्षणों के परिणाम सबके सामने हैं. कठोर मापदंडों पर सरकार का मूल्यांकन करते हुए जनता जर्नादन ने हमारी सरकार के काम को ऊंचे अंक देकर सराहा है. एक साल पहले देश बुरे दिन से गुजर रहा था. अब उससे मुक्ति मिली है.
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार जिस संकल्प को लेकर चल रही है उनके तहत पांच-सात साल में देश की तसवीर अलग होगी. यही बात विरोधियों को परेशान कर रही है. वे सरकार के काम में बाधा डालने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.


नितिन गडकरी : 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस भारत में फर्जी



हैदराबाद, नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि देश में करीब 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं. गडकरी ने संवाददाताओं से कहा, ड्राइविंग लाइसेंस पर स्थिति यह है कि देश में 25-30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं. सरकार ने विकसित देशों अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी और सिंगापुर के नमूनों को पढ़ने और राज्यों से परामर्श करने एवं आम लोगों से सूचनाएं संग्रहित करने के बाद नया मोटर वाहन अधिनियम प्रस्तावित किया है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून में लाइसेंस जारी करना कम्प्यूटर आधारित और उपग्रहों से जुड़ा होगा. यदि पात्र उम्मीदवारों को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में यातायात नियमों के उल्लंघन का रिकॉर्ड करने के लिए उपग्रहों से जुड़े कैमरे लगाये जाएंगे. जो उल्लंघनकर्ता जुर्माने को चुनौती देते हैं, अपराध साबित होने पर उन्हें दोगना जुर्माना भरना पड़ेगा.